इस ब्लोग को स्थाई सुरक्षा-हास्य आलेख


चलो अपना यह ब्लोग https://rajdpk.wordpress.com अब फिर संकट में अब नहीं आयेगा. आज हिंदि के ब्लोग एक जगह दिखाने वाले फ़ोरम ने हमें एक ईमेल भेजा कि अपने-अपने चिट्ठे छांट लो और उन्हें पढो. हमें बड़ी तसल्ली हुई, अब ख़तरा टल गया. यह काम अपने सलाहकारों से मिलकर पहले ही कर लेना चाहिए था. हमारा ब्लोग गलती से उनके पास चला गया. वैसे चिट्ठाजगत वाले भी हमारा ब्लोग नहीं पढ़ते होंगे. नहीं तो अपने सलाहकारों से कुछ अधिक रेटिंग जरूर दिला देते. उन्होने अपने इस बदलाव में दो लोगों के नाम लिए हैं उनमें से एक को मैं जानता हूँ उनमें एक नारद के कर्णधार हैं और मैंने उनके हाल ही में एक आलेख पढा था उसमें उन्होने कुछ ऐसी टिप्पणियाँ की थी जो……………….अब चिट्ठाजगत वाले ही बता सकते हैं. किसके कहने पर किया है भईया यह परिवर्तन ज़रा चेक कर लेना क्योंकि हम नारद के इन कर्णधार को बहुत मानते हैं. अगर उन्होने सलाह दी है तो अच्छी बात है. हम इस हिन्दी ब्लोग में उन्हें सबसे अधिक तकनीकी जानकारी रखने वाले मानते हैं.

यह नारद के कर्णधार भले और सहृदय है. अगर उन्होने सलाह दी है तो ठीक ही दी होगी. सोचा होगा कि यह दीपक भारतदीप १२ ब्लोग बनाए बैठा है और गलती से इसके ब्लोग कहीं भी चले जाते हैं, और पिटकर लौट आते हैं और फिर यह शोर मचाता है और हास्य कविताओं की बौछार करता है जिससे कुछ ब्लोगरों को एलर्जी है. जहाँ तक मेरी जानकारी है उनके आलेख में मुझे कोई ऐसी बात नहीं लगी थी कि वह इस तरह की दीवार उठाने की बात कर रहे हों वह तो लिख रहे थे कि अपनी मनपसंद ब्लोगरों को भी ऐसे ही पढा जा सकता है. इस बदलाव के उन्होने कोई वकालत नहीं की थी, हो सकता है कि हमें ”तकनीकी ज्ञान’ कुछ कम है और हमारे समझ में नहीं आया हो.

वैसे हिंदि के ब्लोग एक जगह दिखाने वाले फ़ोरम ने मर्जी के मालिक हैं. पर हम उनको याद दिला दें कि हम उन अपने सहृदय मित्र के ब्लोग पर कमेन्ट भी लगा कर आये थे कि ”तकनीकी ज्ञान होने से सींग नहीं लग जाते और वह भी प्रमाणित होना बाकी है’. मुझे नहीं लगता कि यह उनकी सलाह के अनुसार है. तुम्हारे कोई और सलाहकार हों तो वह आप जानो. यह आपका परिवर्तन उन्हीं के काम का हो सकता है. कम से कम एक बात है कि वह हमारे ब्लोग पर दृष्टिपात नहीं करेंगे और हम भी मनचाहे लिख सकेंगे. सम्मान-फम्मान गया तेल लेने.वैसे भी जो चिट्ठे जो ब्लोग मेरे प्रिय मित्रों के हैं उनको लिंक करने की सुविधा सभी वेब साईटों ने यह जानते हुए कि यह भारत का सबसे तेज होने के साथ तकनीकी और व्यवसायिक दृष्टि से संपन्न ब्लोगर हैं मुझे ब्लोगों पर उपलब्ध करा दी थी और मैं इनका इस्तेमाल अपने और अपने पाठकों के लिए कर ही रहा हूँ मेरे सामान्य मित्र भी इन ब्लोगरों को पढ़ते हैं और उनको सराहते हैं, आपकी यह सुविधा उन ब्लोगरों के लिए ठीक है जिनको वेब साईटों ने यह सुविधा अपने ब्लोग पर नहीं दी है.इसलिए हमें सभी फोरम पर जाते रहते हैं. अलबता चिट्ठजगत पर आकर कुछ असुविधा होती है पर क्या कर सकते हैं? हमें तो यहाँ कोई किसी ब्लोग पर कूडा नहीं लगता. हम तो सबको पढेंगे और अपने लिए लिखने के लिए सामग्री तलाशेंगे.
जब से हमारे एक व्यंग्यकार ब्लोगर मित्र ने हमें भारत का सबसे तेज ब्लोगर की उपाधि और अधिक पढ़ने लगे हैं ताकि वह और अच्छा लिखें और वह इस पदवी को वापस न ले सके. चाणक्य महाराज भी कह गए हैं कि कूड़े में भी अगर सोना मिल जाये तो उठा लेना चाहिए. हमारा दुर्भाग्य यही रहा है कि हमें सोना भी वहीं मिलता है विषय के रूप में. आप यह ताज्जुब करेंगे हमें ढेर सारा व्यंग्य का विषय (जो हमारे लिए सोना है) वहीं से मिल रहा है जहाँ से हमारा मजाक उडाया गया था.

हमारी और हिंदि के ब्लोग एक जगह दिखाने वाले फ़ोरम ने की बात बननी नहीं है. अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार साहित्य की कहानी, व्यंग्य और कविता की श्रेणी बननी नहीं है और अंग्रेजी पैटर्न पर ही इस फोरम को चलना है तो फिर हमें क्या? बस एक काम कर देना कि अपने सलाहकारों को मेरे ब्लोग की सूची जरूर देना कि उनसे दूर रहें. उनके लेखन और तकनीकी दोनों प्रकार के ज्ञान पर मुझे संशय है. मेरे ब्लोगों का बोझ आपका फोरम तो उठा सकता है पर उसके सलाहकार नहीं उठा सकते. हालांकि इसे संचालक भले हैं पर उनको आगे बढ़ना है तो अन्य लोगों की सलाह भी लेना चाहिए. इनके यह परिवर्तन सामान्य और नये और ब्लोग लेखकों के लिए किसी काम के नहीं हैं और अपने निजी स्वार्थी तत्व अब अपने लिए इसका इस्तेमाल कर कुछ और करना चाहते हैं? आप जानना चाहेंगे कि मैंने यह आलेख क्यों लिखा? एक लेखक के रूप में यह बताने के लिए कि इस ब्लोग जगत में में रेटिंग मांगने नहीं पाठक ढूँढने आया हूँ और हर बात पर मेरी दृष्टि रहती है और अपने अपमान को भूला नहीं हूँ औसत से नीचे के ब्लोगर मेरे ब्लोग का मूल्यांकन करने बैठे और उसका प्रचार करें यह कैसे सहन कर सकता था. फिर भी हिंदि के ब्लोग एक जगह दिखाने वाले फ़ोरम ने को मेरी शुभकामनाएं. अब मेरे ब्लोग इधर-उधर नहीं जा पायेंगे.

Advertisements
Post a comment or leave a trackback: Trackback URL.

टिप्पणियाँ

  • rachna  On जनवरी 22, 2008 at 5:10 अपराह्न

    deepak ji
    esaa hae kuch log go dhol peet peet kar batana padtaa hae kii hame taknik kii jaankaari haen aur hamaari cinsualtancy lae lo . ab roti kaa jugaad to karna haen naa
    aur vahaan tak bhi theek hae kii aap apni taknik kii jaankari ko sarvotam baata de per dusro ko kachra kehna ….. kewal unkae uthale mansik star ko darshaataa hae .

  • rachna  On जनवरी 22, 2008 at 5:17 अपराह्न

    deepak ji
    esaa hae kuch log go dhol peet peet kar batana padtaa hae kii hame taknik kii jaankaari haen aur hamaari cinsualtancy lae lo . ab roti kaa jugaad to karna haen naa
    aur vahaan tak bhi theek hae kii aap apni taknik kii jaankari ko sarvotam baata de per dusro ko kachra kehna ….. kewal unkae uthale mansik star ko darshaataa hae .

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: