चाणक्य नीति:सावधानी से काम लें तो मिट्टी का घड़ा भी होता है दीर्घायु
१.भविष्य की चिंता से अपने को मुक्त रखें और भूतकाल की परवाह न करें तथा वर्तमान में जीने का प्रयास करें. परमात्मा में विश्वास करें.
२. मनुष्य के जीवन में सब दुखों के जड़ स्नेह है. जिस मनुष्य से स्नेह होता है उसके दुख की चिंता हमेशा मन में बनी रहती है.
३.हर मनुष्य के मन में ही सुख-दुख और अन्य विषय मूल रूप से मौजूद रहते हैं जिसने मन को वश में कर लिए वही सुखी है.
४.मनुष्य का शरीर मिटटी के कच्चे घडे के समान एक ही क्षण में टूटकर बिखर सकता है पर जिस तरह कच्चे घडे का सावधानी से उपयोग करें तो वह लंबे समय तक चल सकता है वैसे ही अगर इंसान अपनी शरीर का अत्यंत सावधानी का उपयोग करे तो लंबे समय तक स्वस्थ रहते हुए जीवित रह सकता है.
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सच है,कच्चे घड़े का उपयोग -उपमा।
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सही कहा है।