दिल का राज, सिर का ताज -हिन्दी शायरी
अपने दिल में ही बने रहें
राज बस वही राज रहते हैं
दूसरे के सिर पर सजे किसे अच्छे लगते हैं
खुद पहनकर सजें
वही ताज अच्छे रहते हैं
अपने दिल के राज ही होते हैं ताज
अगर किसी को दे दिए तोहफे में
तो वही नश्तर चुभोने लगते हैं
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अपने दिल की बात अगर किसी को
बता दी तो भड़क सकती हैं चिंगारी
जो वह फ़ैली चारों और लग सकती हैं आग
आयेगी सबसे पहले अपने जलने की बारी
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