चाणक्य नीति: शरीर के अंगों में सिर श्रेष्ठ

सभी औषधियों में रसायन गिलोय सबसे अच्छा है, सभी सुखों में सबसे श्रेष्ठ सुख भोजन पाना है, ज्ञानेन्द्रियों में आँख प्रधान है, शरीर के सभी अंगों में सिर सर्वश्रेष्ठ होता है। शिरोभाग में ही समस्त ज्ञानेन्द्रियों में आँख प्रधान हैं। शरीर के सभी अंगों में सिर सर्वश्रेष्ठ होता है क्योंकि उसमें ही सभी ज्ञानेन्द्रियाँ होती हैं।

आज के संदर्भ में व्याख्या-कुछ लोग कहते हैं कि विश्व का सारा आधुनिक ज्ञान अंग्रेजी में है इसलिए उसे पढ़ना जरूरी है। आप देखें हमारे देश के विद्वान भी अपनी भाषाओं में बहुत सारा ज्ञान प्रदान कर गए हैं पर पाश्चात्य रहन-सहन के अंधानुकरण ने हमें हर तरह से तनाव की हालत में पहुंचा दिया है। आयुर्वेद में गिलोय रसायन सभी प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए उत्तम कहा जाता है। आजकल लोग अपना पेट भरने के लिए फास्ट फ़ूड के नाम पर जो खा रहे हैं वह हमारे देश के लोगों के लिए बीमारियों का कारण है। लोग समय पर भोजन नहीं करते और बाजार की चीजों से ही पेट भरते हैं और उससे शरीर में विकार भर जाते हैं। अगर हमारे शरीर को ऊर्जा पेट से मिलती है तो रोग भी वही देता है। अत: ऐसे भोज्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए जिनसे पेट में विकार पैदा होते हैं। में यहाँ भोजन से आशय अन्न से-गेहूँ और चावल- बने पदार्थों को ही मानता हूँ। इनसे बाजार में बने पदार्थ जिस तरह खुले में रखे जाते हैं वह विष की तरह हो जाते हैं।अत: वह ग्रहण करने से बचना चाहिऐ.

लोग आजकल अपनी आंखों की परवाह न कर जिस तरह टीवी, कंप्यूटर और फिल्में देखने में उनको लगा रहे हैं वह उनके लिए हानिकारक होता है-इनके प्रयोग के जो नियम हैं उनका पालन करना चाहिए। जिस तरह हम इनका इस्तेमाल कर रहे हैं उसे देखते हुए तो हमें सुबह प्राणायाम अवश्य करना चाहिए इससे आंखों में स्फ्रूर्ति आती है।मैंने जगह पढा था कि आइब्रों करने से आंखों पर दुष्प्रभाव होता है इसका विश्लेषण भी किया जाना चाहिऐ।

सिर की महिमा सब जानते हैं पर उस पर अन्याय भी सभी करते हैं। सरकार ने दो पहिया चालकों के लिए हेल्मेंट अनिवार्य कर रखा है पर कुछ लोग इस नियम के विपरीत चलकर बहुत खुश होते है और देश में बढ़ती हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए कहा जा सकता है कि आजकल के युवा अपने सिर के महत्व को नहीं समझते। अधिकतर मामलों में यह माना जाता है कि अगर वाहन चालक हेलमेट पहने होता तो वह शारीरिक हानि नहीं उठाता।

2 Responses to “चाणक्य नीति: शरीर के अंगों में सिर श्रेष्ठ”

  1. अच्छी जानकारी दी।आभार।

  2. bahut badhiya gyan,eyebrow wali baat khas kar dhyan rakhenge,hum helmet pehen kar jate hai scooty par.

Leave a Reply