क्या ब्लोग जगत में नया परिवर्तन है-जानकारी
मुझे पता नहीं कि बाकी ब्लोगरों को इसकी जानकारी है कि नहीं और उसका क्या महत्त्व है. ऐसा लगता है कि गूगल और वर्डप्रेस ने मिलकर ब्लोग जगत में कदम बढाए हैं. अभी तक आपने देखा होगा कि वर्डप्रेस के ब्लोग पर कभी भी विज्ञापन नहीं थे पर मैंने अभी एक ब्लोग http://deep.blog.co.in/ बनाया है. इसमें ब्लोग वर्डप्रेस ने दिया है और विज्ञापन गूगल का है. यह ब्लोग मैंने अभी कहीं पंजीकृत नहीं कराया है पर मेरे हिसाब से अब वर्डप्रेस के ब्लोगर शायद अब इस पर भी आना चाहेंगे और ब्लागस्पाट के ब्लोगर भी हो सकता है इसे देखें
मैं कोई तकनीकी विशेषज्ञ नहीं हूँ पर यह जानना चाहता हूँ कि क्या इससे हिन्दी ब्लोग जगत में बदलाव आयेंगे. इसका कारण यह है कि वर्ड प्रेस के ब्लोग पर श्रेणी अधिक बनाईं जा सकती हैं और ब्लागस्पाट पर इसकी सीमा है. चूंकि यह अभी मैंने भी अधिक विश्लेषण नहीं किया है इसलिए अधिक कुछ नहीं कह सकता. हाँ जब ब्लॉगर से जब हम गूगल से जाते हैं उसके सबसे ऊपर यही दिखाई देता हैं जहाँ से मैंने इसे बनाया. कुल मिलाकर वर्डप्रेस के ब्लोग को यह सूचना में इसलिए दे रहा हूँ ताकि वह इस देख सकें. अलबत्ता यह blog.co.in नया रूप है या पहले से हैं मुझे पता नहीं है. अगर किसी को जानकारी हो बताये.
के इस ब्लोग को लेकर आगे बढा जाये? अगर बढा जा सकता है तो विभिन्न फोरम इसे लिंक दें तो कई लोग इस पर लिखेंगे. वैसे भी वर्डप्रेस के ब्लोगरों की कोई इज्जत इसलिए नहीं है क्योंकि उनके ब्लोग पर विज्ञापन नहीं होते और हो सकता है इससे कुछ सम्मान बढे और लिखने वालों का होंसला भी. बहरहाल ब्लागस्पाट कॉम का जो एकछत्र राज्य था इससे खत्म हो सकता है. मेरे इस ब्लोग को फॉर्म लिंक दें तो में इस पर लिखूंगा.
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blog.co.in ने वर्डप्रेस का मल्टी यूज़र (MU) एडिशन ले रखा है. वो आपको फ्री ब्लाग दे रहे हैं, और साथ में अपना गूगल एडसेन्स के एड दिखा रहे हैं.
इसमें गूगल या वर्डप्रेस का कोई involvement नहीं है.
इस के बारे में तो रवि रतलामीजी, शास्त्री जी , ज्ञानचंद पांडे जी ही कुछ प्रकाश डालें तो डालें या PD, नाहर जी या बेंगाणी जी…………जितनी भी मुझे आधी अधूरी जानकारी है, बस वह तो यही है कि टैक्नीकल बातें तो इन की ही अकसर नैट पर दिखती रहती हैं।
पर गूगल ने विज्ञापन का खाता फिर क्यों खुलवाया? क्या इसमें कोई धोखा है? तो हम इस पर नहीं लिखें. हम तो ऐसे ही ठीक हैं. अगर वर्डप्रेस पर विज्ञापन नहीं है तो कोई बात नहीं है पर अगर इसमें हमारे लिए कोई पैसा नहीं है तो फिर क्यों विज्ञापन दिखाएँ? विज्ञापन का खाता तो गूगल का है. इस बारे में कोई आपको जानकारी हो तो बताएं
दीपक भारतदीप
जी सिरिल ने ठीक कहा. यह वर्डप्रेस का मल्टी यूजर वर्जन ही है जिसमें आप अपने ऎड लगा सकते हैं. लगता तो नहीं इसमें कोई धोखा है.
आप यह फर्क कीजिए कि वर्डप्रैस एक सॉफ़्टवेयर है और वर्डप्रैस.कॉम एक वेब सर्विस है। इन दोनो का आपस में कोई लेना देना नहीं है सिवाय इसके कि दोनो एक ही कंपनी - ऑटोमैट्टिक - का माल हैं और वर्डप्रैस.कॉम सेवा वर्डप्रैस सॉफ़्टवेयर पर चलती है।
जिस वेबसाइट का आपने बताया है उसका न तो गूगल से कोई लेना देना है और न ही वर्डप्रैस से। वे वर्डप्रैस सॉफ़्टवेयर प्रयोग कर आपको फोकट में वहाँ अपना ब्लॉग बनाने दे रहे हैं और उस फोकटी सेवा के बदले आपके ब्लॉग पर विज्ञापन दिखा पैसे कमाएँगे। इसमें नया कुछ नहीं है यह तो बहुत पुराना बिज़नेस मॉडल है जो कि लगभग सभी फ्री वाले वेबहोस्ट अपनाते आए हैं। इनमें से कुछ इस तरह करते हैं कि आपसे आपके गूगल एडसेन्स का आईडी ले लेते हैं और आपके ब्लॉग पर आपके गूगल खाते के विज्ञापन भी दिखाते हैं ताकि आपकी भी कमाई हो सके। अब यह वेबसाइट ऐसा करती है या नहीं यह मुझे नहीं पता।
अभी-२ देखा, ये वेबसेवा भी आपसे आपकी गूगल एडसेन्स की पब्लिशर आईडी लेती है ताकी आपके विज्ञापन भी दिखाए जिससे आपकी कमाई भी हो।
I am also planing similar type of thing but my approach is to include your RSS feed and share adsense revenue with you the feed owner. Rite now i am seeing people are aggregating feed only. How is the idea please share your valuable suggestion.