विदुर नीति:विद्या सज्जन पुरुष की शक्ति होती है

१. विद्या का मद, धन का मद और तीसरा ऊंची कुल का मद है. यह घमंडी पुरुषों के लिए मद हैं परन्तु सज्जन पुरुषों के लिए दम के साधन हैं.
२.मनस्वी पुरुषों को सहारा देने वाले संत है, संतों के भी सहारे संत ही हैं. दुष्टों को सहारा देने वाले संत हैं, पर दुष्ट लोग संतों को सहारा नहीं देते.
३.अच्छे वस्त्र वाला सभा को जीतता है, जिसके पास गाय है वह मीठे स्वाद की आकांक्षा को जीत लेता है, सवारी से चलने वाला मार्ग को जीत लेता है और शीलवान पुरुष सब पर विजय पा लेता है.
४.पुरुष शील में ही प्रधान है जिसका वही नष्ट हो जाता है, इस संसार में उसका जीवन, धन और बंधुओं से कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होता.

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