संत कबीर वाणी:कल्पित उपासना से कौन जीव बचेगा

राजा की चोरी करे, रहै रंग की ओट
कहैं कबीर क्यों उबरै, काल कठिन की चोट

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि कोई राजा के घर से चोरी करके दरिद्र की शरण लेकर बचना चाहे तो कैसे बचेगा? इस तरह सदगुरू से मुहँ छिपाकर और कल्पित देवी-देवताओं की शरण लेकर कल्पना की कठिन चोट से जीव कैसे बचेगा.

सुनिए सन्तों साधू मिलि, कहहिं कबीर बुझाय
जेहि विधि गुरु सों प्रीती छै कीजै सोई उपाय

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि साधू और सन्तों सब मिलकर सुनो जिस तरह गुरु से दृढ़ प्रेम हो वही उपाय करो.

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