पापा ब्लोगर नंबर वन के लिए वोट मांग रहे -हास्य कविता

स्कूल से छुट्टी मिलते ही बालक पहुंचा
इंडिया आईडियल के शहर के कार्यक्रम में
कंधे पर लटकाए बस्ता
आयोजकों ने पूछा
”अकेले आये हो
चले जाओ यहाँ से
माँ-बाप को साथ नहीं लाये

बालक बोला
”क्या करता
पापा तो ब्लोगर नंबर वन के लिए
कंप्यूटर चलाते हुए इंटरनेट पर
वोट मांगने वाली पोस्ट चाप (छाप) रहे
अगले साल मम्मी को भी टॉप पर
लाने के लिए ब्लोग बनवा रहे
दोनों ही यूनिवर्सिटी के टोपर हैं
इसलिए दोनों होड़ लगा रहे
आप मुझे क्यों यहाँ से भगा रहे
वोट मांगना आज पापा से ही सीख आया
आप क्यों घबडा रहे
मुझे पापा ने नंबर वन के लिए सारे दाव सिखाये
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नोट-यह एक काल्पनिक हास्य रचना है और किसी घटना या व्यक्ति से इसका कोई लेना-देना नहीं है, अगर किसी की कारिस्तानी से मेल खा जाये तो उसकी ही जिम्मेदारी है.

One Response to “पापा ब्लोगर नंबर वन के लिए वोट मांग रहे -हास्य कविता”

  1. वोट माँगने की पोस्ट खत्म हो जाए तो हमें भी दिखा दीजियेगा । हम भी उसे ही घोट लेंगे और निकल पड़ेंगे वोटों की खोज में ।
    घुघूती बासूती

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