संत कबीर वाणी:ज्ञानी को अज्ञानी मिले तो बकवाद होती है

ज्ञानी को ज्ञानी मिले, रस की लूटन लूट
ज्ञानी ज्ञानी मिले, हीवे माया कूट

यदि ज्ञानी को ज्ञानी पुरुष मिलते हैं, तो परस्पर ज्ञान एवं प्रेम-रस की छका-छकी होती है, परन्तु ज्ञानी को जब अज्ञानी मिल जाता है, तब केवल माया के संबंध में बकवाद होती है.

साखी शब्द बहुतक सुना, मिटा न मन का मोह
पारस तक पहुंचा नहीं, रहा लोह का लोह

ज्ञान से पूर्ण बहुत साखी शब्द सुन कर भी यदि मन का अज्ञान नहीं मिटा. तो समझ लो पारस-पत्थर तक न पहुंचने से लोहा का लोहा ही रह गया.
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One Response to “संत कबीर वाणी:ज्ञानी को अज्ञानी मिले तो बकवाद होती है”

  1. nice first one is realy awesome

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