संत कबीर वाणी:मान बढाने की चाह, कुते का लक्षण
Posted on January 20, 2008 by दीपक भारतदीप
मान बढाई जगत में, कूकर की पहचान
प्यार किए मुख चाटई, बैर किए तन हान
संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं की मान पाने की लालसा, बडाई सुनने की इच्छा या सत्कार और यश की भूख तो संसार में कुत्ते का लक्षण हैं. जैसे कुत्ता पुचकारे जाने, दुलार करने प्रोत्साहित करने पर अपनी पुँछ हिलाता हुआ, पैरों में लोटने लगता है तथा उछल-उछल कर स्वामी का मुख चाटने लगता है.
Filed under: Deepak bharatdeep, Hindi Darshan, Hindi knowledge, Hindi writing, bharat, hindi bharat, hindi bhasha, hindi shabd, hindi vichar, kabir, web bhasakar, web dunia, web duniya, web jagaran, web nai duniya, अभिव्यक्ति, आलेख, कबीर, कला, विचार, समाज, हिंदी पत्रिका