रहीम के दोहे-किसी के घर जाने से महिमा कम होती है

कौन बडाई जलधि मिली, गंग नाम भी धीम
केहि की प्रभुता नहिं घटी, पर घर गए रहीम

कविवर रहीम कहते हैं कि समुद्र में समाने पर गंगा के नाम के महिमा मंद हो जाती है। रहीम कहते हैं कि दूसरों के घर जाने पर किसकी महिमा कम नहीं हुई।

काम न काहू आवई, मोल रहीम न लेइ
बाजू टूटे बाज को, साहब चारा देइ

कविवर रहीम कहते हैं कि घायल होने पर बाज किसी के काम नहीं आता। कोई मूल्य देकर भी उसे नहीं लेता। बाज की भुजा टूट जाने पर प्रभु ही उसे भोजन देता है।

One Response to “रहीम के दोहे-किसी के घर जाने से महिमा कम होती है”

  1. Very nice things are there but meaning is not given. I often visit this site for various things………

Leave a Reply