क्रिकेट भी अब फिल्म की तरह चलेगी
क्रिकेट क्या अब फिल्म की तरह चलेगी
कभी खिलाड़ी होंगे प्रेम में सराबोर
कभी उनके बीच जंग छिडेगी
लगता है ऐसे कि अब हर मैच से पहले
कोई पटकथा हिन्दी फिल्म की तरह लिखी जायेगी
कई दुखांत दृश्यों के बाद
कहानी सुखांत हो जायेगी
कई बार दोहराई जायेगी वह कहानी
जो बॉक्स ऑफिस पर खूब चलेगी
पहले बजवाओ ताली
फिर दिखाओ गाली
एक खिलाड़ी को बाहर जाता दिखाओ
लोग सहम जाएं
उनके आंसू निकाल आयें
पुरुषों का चेहरा सहमा लगे
कोमल हृदय वाली महिलाओं को सदमा लगे
ऐसा नाटक रचाओ
फिर खिलाड़ी को वापस लाओ
लोगों के दिल खुश हो जाएं
ऐसा लगता है कि
क्रिकेट के अंपायरों और
फिल्म निर्देशकों की जोड़ी अब खूब जमेगी
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