आस्ट्रेलिया का कोच नहीं रखने की कहीं यह बौखलाहट तो नहीं
ऐसा लगता है की बीसीसीआई द्वारा अपनी टीम के लिए अभी कोई कोच न रखने का निर्णय बाहर के कुछ लोगों को रास नही आ रहा है कहीं यह वजह तो नहीं है कि इस वजह से भारतीय टीम को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है और इसके पची कोई सोची-समझी साजिश लगती हैं. अभी मैंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल का बयान सुना उसके अनुसार अंपायर की गलतियां तो मानवीय गलतियां हैं. अब क्या यह बता सकते हैं कि
१.बकनर की गलतियां भारत के खिलाफ ही क्यों अधिक रहीं है. क्या अपने कार्यकाल के दौरान उन्होने उनकी गलतियों पर कोई कार्यवाही की.
२.एक खिलाड़ी को एक ही पारी में चार बार आउट न देना और कभी भी तीसरे अंपायर की मदद न लेना किसी व्यवसायिक अंपायर पर संदेह नहीं खडा करता.
३.बकनर एक पेशेवर अंपायर है और क्या उसका आपने मेडिकल टेस्ट कराया है कि उसको आंखों से दिखता है भी के नहीं.
कहते हैं कि आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी पेशेवर होते हैं और अगर वह किसी विदेशी टीम के कोच बनते हैं तो उसके साथ हो जाते हैं और अपने देश का ख्याल नहीं रखते. इतने बरसों तक भारतीय कोच रहे चैपल के बयान से लगता है यह सब दिखावा है और शायद उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान दुनिया के सबसे शक्तिशाली बैटिंग टीम को इसलिए कमजोर किया कि वह उनके देश को चुनौती न दे सके. शायद यही वजह है कि अब भारतीय क्रिकेट के नियंत्रणकर्ता अब विदेशी कोच-खासतौर से आस्ट्रेलिया का- रखने से कतरा रहे हैं. अब उनके समझ में आ गया है कि विदेशी कोच कभी उसकी टीम का भला नहीं कर सकता.
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