रामजी लगायेंगे बेडा पार

विश्वास धारण कर हृदय में
रामजी करेंगे बेड़ा पार
जलमार्ग हो या थल मार्ग या
करना हो आकाश में
बिना पंख विचरण
कोई अगर बाधा होगी तो
हृदय से स्मरण कर नाम का
हो जाओगे उसके पार
उनकी भक्ति में शक्ति अपार
पर आएगा आड़े तुम्हारा अंहकार

तुम चाहोगे कि
काम सब रामजी करें
नाम तुम्हारा हो
दूसरों के यकीन और भक्ति की
परवाह नहीं
बढाना चाहते अपना व्यापार
दिखाते है लोगों को सपने
लक्ष्य का पता नहीं अपने
रामजी के नाम से बड़ा नामा
क्या करेंगे लोगों का भला
उनकी नजर में है बसता है अपना ही परिवार

रामजी ने कहा
‘मुझसे बडे हैं भक्त मेरे
बिना लालच और लोभ
मेरी भक्ति के भाव में पडे’
ऐसे भक्तों की शक्ति अपार
जिनका कुछ लोग भी करते व्यापार
जो अभक्ति में देखते फ़ायदा
वह भी लेते रामजी का नाम कई बार

कहैं दीपक बापू
सच और झूठ का पता तो रामजी जाने
पर हम तो उनकी शक्ति को माने
भक्त तो नाम लेते हैं
अभक्त भी लगाते पुकार
पर उनसे भी क्या कहें
कहीं एक क्षण भी हृदय से याद किया
तो हो जाएगा उनका बेड़ा पार
रामजी की माया है अपरंपार
अपने भक्तों के दें भक्ति
और अभक्तों को माया के चक्कर में
ऐसा फंसायें कि घूमें बेकार
इस धरती पर ही स्वर्ग बसाने के चाह
अपनी देह के अमर होने का भ्रम
व्यापार ही जिनका धर्म
भक्तों की भावनाओं बेखबर
जिन्होंने तय कर लिया है कि
अपनी दैहिक शक्ति का प्रदर्शन दिखाएँगे
रामजी के अलावा उन्हें
कौन समझा सकता है कि
यकीन कर लो
कुछ पल हृदय से भक्ति कर लो
रामजी तुम्हारा भी बेड़ा पार लगाएंगे

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